'ऑटोमैटिक की वेरिफ़िकेशन' क्या है?
Signal हमेशा एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड रहता है। 'ऑटोमैटिक की वेरिफ़िकेशन' इस बात की पुष्टि करने का एक अतिरिक्त और सरल तरीका देता है कि आपके और एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड सेशन के दूसरे 'एंड' यानी दूसरे छोर के बीच कोई अनचाहा व्यक्ति मौजूद नहीं है।
यह Signal के सेफ़्टी नंबर के साथ-साथ की जाने वाली एक अतिरिक्त जांच है। अगर यह फ़ीचर मौजूद है, तो वेरिफ़िकेशन सफल होने पर आपको एक हरा टिकमार्क और 'एनक्रिप्शन वेरिफ़ाई हुआ' दिखाई देगा।
यह वास्तविक पहचान को वेरिफ़ाई नहीं करता और न ही यह दूसरों के नाम पर फ़र्ज़ी अकाउंट चलाने या अकाउंट से छेड़छाड़ को रोकता है।
मैं इसका इस्तेमाल कैसे करूं?
- कॉन्टैक्ट की प्रोफ़ाइल खोलें (1:1 चैट, ग्रुप चैट या कॉल लॉग से)।
- सेफ़्टी नंबर देखें चुनें।
- ऑटोमैटिक तरीके से वेरिफ़ाई करें चुनें।
अगर यह फ़ीचर उपलब्ध है, तो वेरिफ़िकेशन सफल होने पर आपको एक हरा टिकमार्क और 'एनक्रिप्शन वेरिफ़ाई हुआ' दिखाई देगा।
यह कब उपलब्ध होता है?
'ऑटोमैटिक की वेरिफ़िकेशन' सुविधा तभी उपलब्ध होती है जब Signal के पास आपके कॉन्टैक्ट का फ़ोन नंबर हो।
उदाहरण के लिए, ऐसा तब हो सकता है जब:
- आपने 'फ़ोन नंबर से खोजें' का इस्तेमाल करके चैट शुरू की हो।
- कॉन्टैक्ट आपकी ऐड्रेस बुक में सेव हो और उसे फ़ोन नंबर से ढूंढा जा सकता हो।
- कॉन्टैक्ट ने अपना फ़ोन नंबर दूसरों को दिखने के लिए सेट किया हो।
किस स्थिति में यह उपलब्ध नहीं होता है?
यह फ़ीचर उपलब्ध नहीं हो सकता है, अगर:
- आपने फ़ोन नंबर के बजाय यूज़रनेम का इस्तेमाल करके चैट शुरू की हो।
- फ़ोन नंबर से कॉन्टैक्ट को खोजना मुमकिन न हो।
- कॉन्टैक्ट ने अपना फ़ोन नंबर बदल लिया हो।
- आपके डिवाइस में कॉन्टैक्ट का कोई पुराना फ़ोन नंबर सेव हो।
- आपके डिवाइस में आपके टाइम ज़ोन के हिसाब से गलत तारीख और समय सेट हो।
'ऑटोमैटिक की वेरिफ़िकेशन' उपलब्ध नहीं होने पर भी आपके मैसेज एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड बने रहेंगे।
ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?
अगर 'ऑटोमैटिक की वेरिफ़िकेशन' सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो अपने कनेक्शन को वेरिफ़ाई करने के लिए सेफ़्टी नंबर इस्तेमाल करें।
- QR कोड स्कैन करें।
- अपने कॉन्टैक्ट के साथ सेफ़्टी नंबर का मिलान करके देखें।
बेहतर होगा कि इसे व्यक्तिगत रूप से या किसी अन्य भरोसेमंद माध्यम से पूरा किया जाए।
क्या इससे मेरी प्राइवेसी पर असर पड़ता है?
नहीं। आपके मैसेज एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड रहते हैं।
यह फ़ीचर सिर्फ़ यह पक्का करने में मदद करता है कि आप और आपका कॉन्टैक्ट सही 'एनक्रिप्शन की' का इस्तेमाल कर रहे हैं। वेरिफ़िकेशन स्टेटस का मौजूद नहीं होने या बदल जाने का यह मतलब नहीं है कि चैट से छेड़छाड़ हुई है या यह हैक हो गई है।
याद रहे कि: इससे उस अकाउंट का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान वेरिफ़ाई नहीं होती है। कोई इसके बावजूद भी किसी अन्य व्यक्ति, ब्रांड या सेवा का रूप धरकर फ़र्जीवाड़ा कर सकता है।
उपलब्धता क्यों बदल सकती है?
कुछ स्थितियों में यह संभव है कि 'ऑटोमैटिक की वेरिफ़िकेशन' काम करना बंद कर दे, जैसे कि अगर आपका कॉन्टैक्ट Signal पर अपना फ़ोन नंबर बदल ले। ऐसे में, हमारा सुझाव है कि आप मैन्युअल तरीके से सेफ़्टी नंबर वेरिफ़ाई करें, बेहतर होगा कि आप व्यक्तिगत रूप से या किसी दूसरे भरोसेमंद माध्यम से ऐसा करें।
अगर आपको लगता है कि 'ऑटोमैटिक की वेरिफ़िकेशन' उपलब्ध होना चाहिए, लेकिन नहीं है तो:
- यह देख लें कि सपोर्टेड फ़ोन नंबर वाली शर्तों में से कोई एक शर्त पूरी हो रही है या नहीं।
- यह पक्का कर लें कि सभी डिवाइस में Signal का सबसे नया वर्ज़न मौजूद हो।
- Android v8.21.6 या उसके बाद का वर्ज़न।
- iOS v8.22.0 या उसके बाद का वर्ज़न।
- डेस्कटॉप v8.21.0 या उसके बाद का वर्ज़न।
- ऐप के भीतर दिए गए स्टेप पूरे करके हमसे संपर्क करें। अपने फ़ोन में Signal खोलें, Signal सेटिंग (प्रोफ़ाइल) पर जाएं और फिर हमसे संपर्क करें।
- डीबग लॉग शामिल करना न भूलें और हमें बताएं कि क्या हाल ही में किसी ने फ़ोन नंबर बदला है, डिवाइस बदला है या Signal दोबारा इंस्टॉल किया है।
और जानें
'ऑटोमैटिक की वेरिफ़िकेशन' का आधार 'की ट्रांसपेरेंसी' है, जिससे यह पक्का करने में मदद मिलती है कि Signal डिवाइस इस बात पर एकमत हों कि कौन-सी 'एनक्रिप्शन की' किस फ़ोन नंबर की है।
ज़्यादा तकनीकी जानकारी के लिए, Signal का 'की ट्रांसपेरेंसी' संबंधी दस्तावेज़ देखें।