कम्युनिकेशन का कोई भी तरीका हो, उसमें फ़िशिंग समेत कई तरह की धोखाधड़ी की गुंजाइश बनी रहती है। Signal में हमने कई फ़ीचर और यूज़र इंटरफ़ेस में कई तरह के बदलाव किए हैं। इन्हें इस तरह तैयार किया गया, ताकि यूज़र फ़िशिंग से खुद को बचा सके और Signal पर बात कर रहे व्यक्ति की पहचान की पुष्टि कर सकें।
Signal पर रजिस्ट्रेशन लॉक चालू रखना और समय-समय पर सेफ़्टी नंबर देखते रहना फ़िशिंग हमलों से बचने का एक कारगर तरीका है।
Signal कभी भी यूज़र से खुद संपर्क नहीं करता और न ही कभी Signal ऐप के ज़रिए संपर्क करता है।
अगर आपको शक है कि आपके साथ फ़िशिंग हुई है, तो
देखें कि आपका फ़ोन अभी भी आपके Signal अकाउंट से कनेक्ट है या नहीं। इसे जानने का सबसे तेज़ तरीका है - 'खुद के लिए नोट' पर मैसेज भेजना। अगर यह ठीक तरह से काम कर रहा है, तो समझिए आपका अकाउंट अब भी आपके कंट्रोल में है।
अगर आपको लगता है कि आपके साथ फ़िशिंग हुई है और अब आपका अकाउंट आपके कंट्रोल में नहीं है, तो आप किसी दूसरे कम्युनिकेशन टूल के ज़रिए अपने कॉन्टैक्ट को इस बारे में बता दें और उनसे यह जानकारी अन्य लोगों तक भी पहुंचाने को कहें।
रजिस्ट्रेशन लॉक
रजिस्ट्रेशन लॉक ऐहतियातन बनाया गया एक ऐसा फ़ीचर है जो आपके Signal अकाउंट को फ़िशिंग अटैक से बचाने या किसी दूसरे के कब्ज़ा कर लेने से रोकने के लिए सुरक्षा की एक अतिरिक्त लेयर जोड़ता है। रजिस्ट्रेशन लॉक चालू रहने पर, अकाउंट रजिस्टर करने समय आपको सामान्य SMS वेरिफ़िकेशन के अलावा यूनीक Signal पिन भी डालना होगा। इसका मतलब है कि अगर कोई आपके Signal अकाउंट को फिर से रजिस्टर करने की कोशिश करता है, तो उसे SMS वेरिफ़िकेशन कोड के साथ-साथ पिन की भी ज़रूरत होगी। रजिस्ट्रेशन लॉक को चालू करने के लिए Signal सेटिंग > अकाउंट पर जाएं।
अगर आपको लगता है कि आपके साथ फ़िशिंग की कोशिश हुई है, तो हमारी सलाह है कि आप अपने Signal अकाउंट पर रजिस्ट्रेशन लॉक चालू रखें।
Signal डिफ़ॉल्ट रूप से आपकी प्रोफ़ाइल फ़ोटो ब्लर कर देता है और मैसेज का अनुरोध स्वीकार करने तक किसी की ओर से भेजे गए वीडियो, फ़ोटो या किसी भी तरह का मीडिया अपने-आप डाउनलोड नहीं होगा। डाउनलोड करने का चुनाव आपके पास रहेगा। अच्छी बात यह है कि मैसेज का अनुरोध स्वीकार किए जाने तक URL को लिंक में (यानी “टैप करने लायक”) *नहीं* बदला जाता, ताकि फ़िशिंग से मज़बूत सुरक्षा मिल सके।
मैसेज का अनुरोध देखते समय यूज़र को सुरक्षा से जुड़े सुझाव भी दिखते हैं, ताकि उन्हें फ़िशिंग की कोशिशों को पहचानने में मदद मिल सके। उदाहरण के लिए, अगर आपका कोई कॉमन ग्रुप नहीं है और कोई आपको मैसेज का अनुरोध भेज रहा है, तो ऐप “सावधानी के साथ अनुरोधों की समीक्षा करें” का पॉप-अप दिखाएगा और सुरक्षा से जुड़े कई सुझाव भी देगा, जिन्हें यूज़र चाहें तो विस्तार से देख सकता है। इन सुझावों में फ़िशिंग स्कैम को पहचानने के तरीके बताए गए हैं:
किसी भी समय ब्लॉक और रिपोर्ट करने की सुविधा
मैसेज का अनुरोध स्वीकार करने के बाद भी, आपके पास Signal में किसी व्यक्ति या ग्रुप चैट को ब्लॉक करने का विकल्प होता है। ब्लॉक किए गए यूज़र्स आपको Signal के ज़रिए कॉल या मैसेज नहीं कर पाएंगे। Signal पर किसी व्यक्ति या ग्रुप को किसी भी समय स्पैम के रूप में रिपोर्ट भी किया जा सकता है। ऐसा करने के लिए चैट सेटिंग > 'स्पैम की रिपोर्ट करें' पर जाएं।
कॉन्टैक्ट का आइकन
Signal पर जिससे चैट की जा रही है, अगर उसका नाम आपके फ़ोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव है, तो आपको ऐप्लिकेशन के इंटरफ़ेस के कई हिस्सों में उस व्यक्ति के नाम के आगे एक आइकन दिखेगा। इससे आपको यह पहचानने में मदद मिलती है कि जिस व्यक्ति से चैटिंग हो रही है, वह आपकी पहचान का है या नहीं। साथ ही, यह इस व्यक्ति और ऐसे दूसरे लोगों के बीच फ़र्क करने में आपकी मदद करता है जिनका प्रोफ़ाइल नेम समान हो सकता है। ध्यान दें: अगर कोई Signal सेटिंग में 'मेरे फ़ोन नंबर से मुझे ढूंढें' को बंद कर देता है, तो आपको आइकन नहीं दिखेगा, भले ही आपके फ़ोन में उनका नंबर सेव हो।
प्रोफ़ाइल को वेरिफ़ाई करने से जुड़े टूल
Signal में ऐसे कई टूल मौजूद हैं जिनसे आपको उन लोगों को वेरिफ़ाई करने में मदद मिल सकती है जो आपके साथ Signal पर चैट कर रहे हैं। यह खास तौर पर ऐसे मामले में अहम है, जब आपके पास किसी की पहचान की पुष्टि करने के लिए उसके फ़ोन नंबर का ऐक्सेस न हो और आपको सिर्फ़ उसका प्रोफ़ाइल नेम और फ़ोटो ही दिख रही हो।
- प्रोफ़ाइल नेम बदलने पर: जब Signal पर कोई अपना प्रोफ़ाइल नेम बदलता है, तो आपको उस व्यक्ति के साथ अपनी चैट में एक इवेंट दिखाई देगा, जो यह दर्शाता है कि उन्होंने अपना प्रोफ़ाइल नेम बदल लिया है। इसमें पुराना और नया दोनों ही प्रोफ़ाइल नेम शामिल होंगे। यह आपको जानकारी देने के लिए बनाया गया है, ताकि अगर कोई अपना प्रोफ़ाइल नेम बदलकर किसी और की पहचान का इस्तेमाल करने की कोशिश करे, तो आपको पता चल जाए।
- डुप्लिकेट नाम का नोटिफ़िकेशन: अगर किसी ग्रुप चैट में, ग्रुप के कई सदस्यों का प्रोफ़ाइल नेम एक जैसा है, तो आपको एक पॉपअप नोटिफ़िकेशन दिखेगा। साथ ही, एक प्रॉम्प्ट भी दिखेगा जो आपको उन डुप्लिकेट नामों को रिव्यू करने के लिए कहेगा। रिव्यू स्क्रीन में, आपके पास यह देखने का विकल्प होगा कि क्या आप दोनों के और भी ग्रुप कॉमन हैं और क्या किसी ग्रुप के सदस्य ने हाल ही में अपना प्रोफ़ाइल नेम बदला है। इस स्क्रीन पर, आपके पास सदस्यों को ब्लॉक करने या उन्हें ग्रुप से हटाने का विकल्प मौजूद रहेगा।
किसी की पहचान को वेरिफ़ाई करने का एक और तरीका यह है कि आप Signal में उनके साथ वीडियो कॉल करें, ताकि यह पता चल सके कि कॉल उठाने वाला व्यक्ति वही है जिसकी आपने उम्मीद की थी।
सेफ़्टी नंबर
हर चैट के साथ एक यूनीक सेफ़्टी नंबर जुड़ा होता है। जिन लोगों से आपकी चैट हो रही है, उनसे सेफ़्टी नंबर की तुलना करने पर आपको यह वेरिफ़ाई करने में मदद मिल सकती है कि आपकी चैटिंग सही व्यक्ति से हो रही है। जब आपने व्यक्तिगत रूप से या किसी दूसरे भरोसेमंद चैनल के ज़रिए सेफ़्टी नंबर की तुलना कर ली हो, तो उस Signal कनेक्शन को आपकी ओर से “वेरिफ़ाइड” के तौर पर मार्क कर दिया जाएगा।
अगर आपको सेफ़्टी नंबर में कोई बदलाव दिखे, तो इसका मतलब यह भी हो सकता है कि Signal अकाउंट फिर से इंस्टॉल किया गया है या उस अकाउंट को किसी नए फ़ोन पर स्विच किया गया है। अगर किसी यूज़र को लगता है कि जिससे उनकी बातचीत चल रही है, उनका Signal अकाउंट हैक हो गया है और उस यूज़र को सेफ़्टी नंबर में बदलाव दिख रहा है, तो उनके पास यूज़र की पुष्टि करने के लिए किसी दूसरे कम्युनिकेशन चैनल के ज़रिए अपने बातचीत वाले पार्टनर से संपर्क करने का विकल्प होता है।
इन्फ़ो शीट
अगर आपको किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में ज़्यादा जानना है जिनसे आपकी चैटिंग हो रही है या जिनके साथ आपका कोई कॉमन ग्रुप है, तो इन्फ़ो शीट की मदद से ऐसा आसानी से किया जा सकता है। Signal में किसी व्यक्ति के प्रोफ़ाइल नेम के आगे बने तीर पर टैप करने पर, उनके बारे में ज़्यादा जानकारी सामने आ जाती है। यहां आपको आप दोनों के कॉमन ग्रुप और आपके उन्हें सीधे भेजे गए मैसेज दिखेंगे। साथ ही, यह भी दिखेगा कि वे Signal कनेक्शन हैं या नहीं और आपके फ़ोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद हैं या नहीं।
निकनेम
Signal आपको ऐसे किसी भी व्यक्ति के लिए निकनेम सेट करने की सुविधा देता है, जिससे आपकी चैट हो रही है, फिर भले ही उनका नाम आपके फ़ोन के कॉन्टैक्ट में सेव न हो। निकनेम एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होते हैं और आपके Signal पिन की मदद से सुरक्षित रहते हैं। निकनेम सिर्फ़ आपको दिखते हैं और लोगों का नाम रखने या लेबल लगाने के काम आते हैं, ताकि आप उन्हें आसानी से याद रख सकें। यह खास तौर पर Signal पर मौजूद ग्रुप में कौन क्या है, इस पर नज़र बनाए रखने में मदद करता है।